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Tuesday, 30 October 2012

प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक
(1) एसआर कश्यप (1882-1934):

प्रोफेसर कश्यप भारतीय Bryology पिता कहा जाता है. उन्होंने पंजाब में 1882 में पैदा हुआ था. वह अपनी एमएससी प्राप्त पंजाब से वनस्पति विज्ञान में डिग्री और आगे के अध्ययन के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के लिए गया था. अपने शोध की डिग्री पूरा करने के बाद वह सरकार में शामिल हो गए. कॉलेज लाहौर. प्रोफेसर कश्यप भारतीय वानस्पतिक सोसायटी के प्रथम सचिव था.

उन्होंने 1932 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष था. हालांकि वह भी Pteridophyta पर कुछ काम किया है, वह मुख्य रूप से Bryophyta पर काम करने के लिए जाना जाता है. अपनी पुस्तकों में से दो बहुत प्रसिद्ध भाग (1929) मैं (एसआर कश्यप) और भाग द्वितीय (1932) (कश्यप और चोपड़ा) पश्चिमी हिमालय और पंजाब Plains के Liverworts '. वह कुछ नए Bryophyta की पीढ़ी और कई नई प्रजाति की खोज की. पतनशील Liverworts में विकास (Marchantiales) के उनके सिद्धांत को अच्छी तरह दुनिया की bryologists द्वारा स्वीकार किया जाता है.

(2) बी साहनी (1891-1949):

प्रोफेसर साहनी पंजाब में 1891 में पैदा हुआ था. उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र Paleobotany, उसके इस क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान के कारण था, 'वह भारतीय Paleobotany के पिता' कहा जाता है. उनका मुख्य योगदान वर्ग Pentoxylae जुरासिक काल के एक जिम्नोस्पर्म के बारे में है. बीरबल साहनी Paleobotany के संस्थान लखनऊ में अपने अथक प्रयासों की वजह से 1946 में स्थापित किया गया था. इस संस्थान को अच्छी तरह से दुनिया भर में जाना जाता है. दुनिया के विभिन्न भागों से वैज्ञानिकों के लिए इस संस्थान में काम करने के लिए आते हैं. वह 1946 वर्ष में भारत में Paleobotanical सोसायटी की स्थापना की है, जो की एक पत्रिका (Paleobotanist) लखनऊ से प्रकाशित हुआ है. प्रोफेसर साहनी 1949 में निधन हो गया.